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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 258
सामन्तानामभावे तु मौलानां सीम्नि साक्षिणाम्‌ । इमानप्यनुयुञ्जीत पुरुषान्वनगोचरान्‌ ।।
समीपस्थ चार ग्रामो में तथा ग्राम निर्माण के समय से वंश परम्परा द्वारा निवास करनेवालों के अभाव में (साक्षी करने के लिए उपस्थित नहीं होने पर) राजा इन वनेचर (सर्वदा या प्राय: वन में ही रहनेवाले) पुरुषों से भी पूछे।
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