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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 256
यथोक्तेन नयन्तस्ते पूयन्ते सत्यसाक्षिणः । विपरीतं नयन्तस्तु दाप्याः स्युर्द्विशतं दमम्‌ ।।
शास्रानुसार सत्य कहनेवाले वे साक्षी निर्दोष होते हें तथा असत्य कहनेवालो पर (राजा) दो सौ पण दण्ड करे ।
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