एतैर्लिङ्गैर्नयेत्सीमां राजा विवदमानयोः । पूर्वभुक्त्या च सततमुदकस्यागमेन च ।।
राजा परस्पर में विवाद करते हुए रामों की सीमा का निश्चय इन चिह्नों से, लोगों के उपभोग से और नदी नाला आदि के प्रवाह से करे ।
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