अनिर्दशाहां गां सूतां वृषान् देवपशूस्तथा ।
सपालान्वा विपालान्वा न दण्ड्यान्मनुब्रवीत् ।।
दश दिन के भीतर व्याई हुई गाय, (चक्रत्रिशूल से चिह्नित कर वृषोत्सर्ग में छोड़ा गया) साँड और (काली, शिव या विष्णु आदि) देवताओं के उद्देश्य से छोड़ा गया पशु रखवाले के साथ हो या बिना रखवाले के हो और खेत को चर जाय तो रखवाला दण्डनीय नहीं होता है ऐसा मनु भगवान ने कहा है।
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