मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 236
धनुःशतं परीहारो ग्रामस्य स्यात्समन्ततः । शम्यापातास्त्रयो वाऽपि त्रिगुणो नगरस्य तु ।।
ग्राम के चारों तरफ १०० धनुष अर्थात्‌ ४०० हाथ तक या तीन बार छड़ी फेंकने से जितनी दूर जाय उतनी दूर तक नगर के चारों तरफ ग्राम से तिगुनी भूमि पशुओं के घूमने-फिरने के लिए छोड़नी चाहिये (उतनी दूरी तक कोई पौधा या फसल नहीं बोनी चाहिये)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें