कर्णौ चर्म च वालांश्च बस्तिं स्नायुं च रोचनाम् ।
पशुषु स्वामिनां दद्यान्मृतेष्वङ्कांश्च दर्शयेत् ।।
पशुओं (या एक पशु) के स्वयं मरने पर रखवाला उस (पशु) के कान, चमड़ा, बाल (पूँछ के बाल), चर्बी, गोरोचन और अन्य चिह्न (खुर, सींग आदि) लाकर गोस्वामी को दिखलावे।
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