स्वामी द्वारा (रखवालों को सौंपे गये पशुओं के योगक्षेम की निन्दा दिन में रखवालों की तथा रखवालों द्वारा स्वामी को घर में सौंपे गये पशुओं के योगक्षेम की निन्दा रात में स्वामी की होती है, अन्यथा (स्वामी के घर में पशु रखवालों द्वारा नहीं सौंपे गये हों अर्थात् रखवालों के जिम्मे ही रात में भी वे पशु हों तब) उनके योगक्षेम की निन्दा रखवालों की ही होती है।
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