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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 226
पाणिग्रहणिका मन्त्रा नियतं दारलक्षणम्‌ । तेषां निष्ठा तु विज्ञेया विद्वद्भिः सप्तमे पदे ।।
विवाह-सम्बन्धी मन्त्र भार्यात्व (सहधर्मिणपन) में निश्चित रूप से कारण हैं, उन (विवाह सम्बन्धी मन्त्रों) की सिद्धि विद्वानों को सप्तपदी होने पर जाननी चाहिये।
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