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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 221
क्रीत्वा विक्रीय वा किंचिद्यस्येहानुशयो भवेत्‌ । सोऽन्तर्दशाहात्तदद्रव्यं दद्याच्चैवाददीत वा ।।
कोई वस्तु (शीघ्र नष्ट होनेवाली अचल सम्पत्ति या बहुत समय बाद नष्ट होनेवाली भूमि, घर, बगीचा आदि अचल सम्पत्ति) खरीदकर या बेचकर जिसको पश्चात्ताप होने लगे तो वह दश दिन के भीतर (यदि सामान खरीदा हो तो) वापस कर दे तथा (यदि बेचा हो तो) वापस ले ले।
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