यथोक्तमार्त्तः सुस्थो वा यस्तत्कर्म न कारयेत् ।
न तस्य वेतनं देयमल्पोनस्यापि कर्मणः ।।
जो कर्मचारी कहे हुए काम को स्वयं रोगी होकर दूसरे से नहीं करावे तथा स्वस्थ होकर स्वयं भी नहीं करे तो वह कुछ किये गये काम का भी वेतन नहीं पाता है।
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