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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 215
आर्तस्तु कुर्यात्स्वस्थः सन्‌ यथाभाषितमादितः । स दीर्घस्यापि कालस्य तल्लभेतैव वेतनम्‌ ।।
वेतन पाने वाले जो कर्मचारी रोगी रहता हुआ काम नहीं करे तथा पुन: स्वस्थ होकर कहने के अनुसार करने लगे तो वह बहुत समय के बादर भी आरम्भ से वेतन पाता है।
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