यज्ञ में यदि वरण किया हुआ ऋत्विक् (रोगादि के कारण) अपना काम नहीं करावे तो उसके किये गये काम के अनुसार बाकी काम को पूरा करनेवालों को उसका भाग देना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।