(उस धरोहर वापस लौटानेवाले पर और धरोहर बाकी रह जाने का संदेह होने पर उस धरोहर देनेवाले व्यक्ति का बान्धवादि उत्तराधिकारी) निष्कपट होकर प्रेमपूर्वक ही उस शेष बचे हुए धरोहर का निश्चय करे तथा उसके व्यवहार को विचार कर अर्थात् "यह धर्मात्मा है" ऐसा मानकर साम के प्रयोग से ही निर्णय करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।