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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 171
स्वादानाद्दर्णसंसगत्त्विबलानां च रक्षणात्‌ । बलं संजायते राज्ञः स प्रेत्येह च वर्धते ।।
(शास्रीय वचनानुसार) (ग्राह्य धन को लेने तथा सजातियों के साथ विवाहादि) सम्बन्ध से और दुर्बलों की रक्षा से राजा की शक्ति बढ़ती है और वह मरकर (स्वर्गादि लाभ से) तथा यहाँ पर अर्थात्‌ जीते हुए (ख्याति आदि से) समृद्धिमान्‌ होता है।
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