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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 151
कृतानुसारादधिका व्यतिरिक्ता न सिद्धयति । कुसीदपथमाहुस्तं पञ्चकं शतमर्हति ।।
पूर्वोक्त (८।१३९-१४२) प्रमाण से अधिक सूद नहीं लेना चाहिए तथा शूद्र से पाँच प्रतिशत लेने का जो प्रमाण है, उतना सूद द्विजों से लेना भी (मनु आदि महर्षि) निन्दित बतलाते हैं।
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