कृतानुसारादधिका व्यतिरिक्ता न सिद्धयति ।
कुसीदपथमाहुस्तं पञ्चकं शतमर्हति ।।
पूर्वोक्त (८।१३९-१४२) प्रमाण से अधिक सूद नहीं लेना चाहिए तथा शूद्र से पाँच प्रतिशत लेने का जो प्रमाण है, उतना सूद द्विजों से लेना भी (मनु आदि महर्षि) निन्दित बतलाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।