द्विकं त्रिकं चतुष्कं च पञ्चकं च शतं समम् ।
मासस्य वृद्धिं गृह्णीयाद्वर्णानामनुपूर्वशः ।।
अथवा वर्णो के अनुसार दो, तीन चार और पाँच प्रतिशत मासिक सूद ले अर्थात् ब्राह्मण से दो रूपये सैकडा क्षत्रिय से तीन रुपये सैकड़ा, वैश्य से चार रुपये सैकड़ा और शूद्र से पाँच रुपये सैकड़ा सूद ले।
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