मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 139
वसिष्ठविहितां वृद्धिं सृजेद्वित्तविवर्द्धिनीम्‌ । अशीतिभागं गृह्णीयान्मासाद्वार्धुषिकः शते ।।
(सूद (व्याज) पर त्रण देनेवाला महाजन) वसिष्ठ मुनि द्वारा प्रतिपादित धनवर्द्धक सूद ले व ऋणद्रव्य का १/८० भाग अर्थात्‌ सवा रुपया प्रतिशत मासिक सूद लेना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें