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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 124
उपस्थमुदरं जिह्वा हस्तौ पादौ च पञ्चमम्‌ । चक्षुर्नासा च कर्णौ च धनं देहस्तथैव च ।।
उपस्थ (मूत्रमार्ग), पेट, जीभ, हाथ, पैर, नेत्र, नाक, कान, धन और देह (ये दण्ड के दश स्थान) हैं।
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