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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 122
कौटसाक्ष्यं तु कुर्वाणांस्त्रीन्वर्णान्धार्मिको नृपः । प्रवासयेद्दण्डयित्वा ब्राह्मणं तु विवासयेत्‌ ।।
धार्मिक राजा बार-बार असत्य गवाही देनेवाले तीन वर्णो (क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र) को उक्त (८।१२०-१२१) प्रकार से दण्डित कर राज्य से निकाल दे और ब्राह्मण को केवल राज्य से निकाल दे अर्थात्‌ उसे दण्डित न करे।
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