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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 119
लोभात्सहस्रं दण्ड्यस्तु मोहात्पूर्वं तु साहसम्‌ । भयाद्द्वौ मध्यमौ दण्डौ मैत्रातपूर्व चतुर्गुणम्‌ ।।
लोभ से असत्य गवाही देने पर १००० पण, मोह से असत्य गवाही देने पर प्रथम साहस, भय से असत्य गवाही देने पर दो मध्यम साहस, मित्रता (प्रेम) से असत्य गवाही देने पर चौगुना अर्थात्‌ चार प्रथम साहस,
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