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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 118
एषामन्यतमे स्थाने यः साक्ष्यमनृतं वदेत्‌ । तस्य दण्डविशेषांस्तु प्रवक्ष्याम्यनुपूर्वशः ।।
(भृगु मुनि ऋषियों से कहते हैं कि-) उक्त (८।११८) लोभादि में से किसी एक के कारण से (भी) जो असत्य गवाही दे, उसके दण्ड विशेष को हम क्रमश: कहते हैं-
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