जहाँ पर वेदज्ञ (ऋक, यजुष् तथा सामवेद के ज्ञाता) तीन ब्राह्मण तथा राजा से अधिकार-प्राप्त विद्वान् ब्राह्मण बैठते हैं, उसे (विद्वान् लोग चतुर्मुख अर्थात् ब्रह्मा की सभा के समान) 'सभा' कहते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।