मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 98
राज्ञश्च दद्युरुदद्धारमित्येषा वैदिकी श्रुतिः । राज्ञा च सर्वयोधेभ्यो दातव्यमपृथग्जितम्‌ ।।
(युद्ध में विजय करने वाले योद्धा) 'राजा के लिए उद्धार (सोना, चाँदी जवाहरात तथा हाथी, घोड़ा! भी देवें' यह वैदिक वचन है और राजा विजयी योद्धाओं के लिए सम्मिलित रूप में जीतकर प्राप्त किये द्रव्यो में से प्रत्येक पुरुषार्थ के अनुसार विभाग देवे)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें