न च हन्यात्स्थलारूढं न क्लीबं न कृताञ्जलिम् ।
न मुक्तकेशं नासीनं न तवास्मीति वादिनम् ।।
(रथ पर बैठा हुआ) योद्धा भूमि पर स्थित, नपुंसक, हाथ जोड़े हुए, बाल खोले हुए, बैठे हुए और 'में तुम्हारा हूँ' ऐसा कहते हुए (शरणागत) योद्धा को न मारे।
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