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मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 77
तदध्यास्योद्वहेद्धार्या सर्वणां लक्षणान्विताम्‌ । कुले महति सम्भूतां हृद्यां रूपगुणान्विताम्‌ ।।
(राजा) उस महल में निवास कर स्वजातीय, शुभलक्षणोंवाली, श्रेष्ठ कुल में उत्पन्न, हृदयप्रिय तथा रूप एवं गुण से युक्त स्री से विवाह करे।
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