मृगया (शिकार), जुआ, दिन में सोना, पराये की निन्दा, स्री में अत्यासक्ति, मद (नशा-मद्यपान आदि), नाच-गाने में अत्यासक्ति और व्यर्थ (निष्प्रयोजन) भ्रमण; ये दश कामजन्य व्यसन हैं।
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