इन्द्रानिलयमाकाणामग्नेश्च वरुणस्य च ।
चन्द्रवित्ते शयोश्चैव मात्रा निर्हृत्य शाश्वती: ।।
(ईश्वर ने) इन्द्र, वायु, यम, सूर्य, अग्नि, वरुण, चन्द्रमा और कुबेर का सारभूत नित्य अंश लेकर (राजा की सृष्टि की)।
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