ब्राह्मणान्पर्युपासीत प्रातरुत्थाय पार्थिवः ।
त्रैविद्यवृद्धान्विदुषस्तिष्ठेत्तेषां च शासने ।।
राजा (प्रतिदिन) प्रातःकाल उठकर ऋग्यजुःसाम के ज्ञाता और विद्वान् (नीतिशास्त्र के ज्ञाता) ब्राह्मणों की सेवा करे और उनके शासन में रहे (उनके कहने के अनुसार कार्य करे)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।