मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 206
सर्वेषां तु विदित्वेषां समासेन चिकीर्षितम्‌ । स्थापयेत्तत्र तद्वंश्यं कुर्याच्च समयक्रियाम्‌ ।।
उस शत्रु राजा तथा मन्त्री एवं प्रजा के मुख्य लोगों की अभिलाषा को मालूम कर उसी वंश में उत्पन्न व्यक्ति को उस राज्य में पुन: अभिषिक्त करे और उसके साथ समय-क्रिया (शर्तनामा अमुक-अमुक कार्य तुम्हें स्वेच्छानुसार करना होगा तथा अमुक-अमुक कार्य मेरी आज्ञा से करना होगा इत्यादि) करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें