(राजा दुर्ग के बाहर स्थित) शत्रु पर घेरा डालकर रहे, इसके देश को (लूटपाट आदि से) पडित करे और इसके भूसा, घास, अन्न, जल, और ईधन को सर्वदा नष्ट करे अर्थात् दूषित द्रव्य (विष आदि) मिलाकर उपयोग के अयोग्य बना दे।
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