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मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 197
कौरक्षेत्रांश्च मत्स्यांश्च पञ्चालान्‌ शूरसेनजान्‌ । दीर्घाल्लघूंश्चैव नरानग्रानीकेषु योजयेत्‌ ।।
(राजा) कुरुक्षेत्र, मत्स्य, (विराट), पाञ्चाल (कान्यकुब्ज तथा अहिच्छत्र) और शूरसेन (मथुरा) देश में उत्पन्न लम्बे कद वाले योद्धाओ को तथा अन्य देशोत्पन्न लम्बे या छोटे कदवाले युद्धाभिमानी योद्धाओं को युद्ध के आगे वाले मोर्चे पर नियुक्त करे।
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