मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 196
स्पन्दनाश्चैः समे युध्येदनूपे नौ द्विपैस्तथा । वृक्षगुल्मावृते चापैरसिचर्मायुधैः स्थले ।।
(राजा) समतल युद्धभूमि में रथ और घोड़ों से, जलप्राय युद्धभूमि में नाव तथा हाथियों से, पेड़ तथा झाड़ियों से गहन युद्धभूमि में धनुषों से और कंटक पत्थर आदि से वर्जित युद्धभूमि में ढाल, तलवार एवं भाला-बर्छा आदि से युद्ध करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें