स्पन्दनाश्चैः समे युध्येदनूपे नौ द्विपैस्तथा ।
वृक्षगुल्मावृते चापैरसिचर्मायुधैः स्थले ।।
(राजा) समतल युद्धभूमि में रथ और घोड़ों से, जलप्राय युद्धभूमि में नाव तथा हाथियों से, पेड़ तथा झाड़ियों से गहन युद्धभूमि में धनुषों से और कंटक पत्थर आदि से वर्जित युद्धभूमि में ढाल, तलवार एवं भाला-बर्छा आदि से युद्ध करे।
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