मार्गशीर्षे शुभे मासि यायाद्यात्रां महीपतिः ।
फाल्गुनं वाऽथ चैत्रं वा मासौ प्रति यथाबलम् ।।
राजा शुभ मार्गशीर्ष (अगहन) मास में या फाल्गुन अथवा चैत्र मास में अपनी सेना के अनुसार शत्रु के नगर की ओर बढ़े।
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