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मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 153
दूतसम्प्रेषणं चैव कार्यशेषं तथैव च। अन्तःपुरप्रचारं च प्रणिधीनां च चेष्टितम्‌ ।।
दूत भेजने का, बचे हुए कार्य का, अन्तःपुर (रनिवास) के प्रचार का और गुप्तचरों की चेष्टा का (चिन्तन करे)।
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