विक्रोशन्त्यो ग्रस्य राष्ट्राद् ह्रियन्ते दस्युभिः प्रजाः ।
सम्पश्यतः सभृत्यस्य मृतः स न तु जीवति।।
मन्त्री सहित जिस राजा के देखते अर्थात् राज्य करते रहने पर राज्य में चोरों (डाकू आदि) से प्रजा अपहत होती है वह राजा मरा हुआ है, जीता नहीं है (क्योंकि प्रजारक्षणरूप जीवित राजा का कार्य वह नहीं करता, अत: मरा हुआ है)।
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