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मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 14
तदर्थ सर्वभूतानां गोप्तारं धर्ममात्मजम्‌ । ब्रह्मतेजोमयं दण्डमसृजत्पूर्वमीश्वरः ।।
उस (राजा) की कार्यसिद्धि के लिए भगवान ने सम्पूर्ण जीवों के रक्षक, धर्मस्वरूप पुत्र, ब्रह्मा के तेजोमय दण्ड की सृष्टि की।
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