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मनुस्मृति • अध्याय 7 • श्लोक 121
नगरे नगरे चैकं कुर्यात्सर्वार्थचिन्तकम्‌ । उच्चैः स्थानं घोररूपं नक्षत्राणामिव ग्रहम्‌ ।।
राजा प्रत्येक नगर में (हाथी, घोड़ा, रथ एवं पैदल सैनिकों के द्वारा दूसरों में) आतङ्क उत्पन्न कराने वाले नक्षत्रों में शुक्र आदि ग्रहों के समान तेजस्वी और सब विषयों की चिन्ता (देखभाल) करने वाले एक उच्च पदाधिकारी को नियुक्त करे।
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