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मनुस्मृति • अध्याय 6 • श्लोक 70
प्राणायामा ब्राह्मणस्य त्रयोऽपि विधिवत्कृताः । व्याहतिप्रणवैर्युक्ता विज्ञेयं परमं तपः ।।
व्याहति और प्रणव से युक्त विधिपूर्वक किये गये तीन प्राणायाम को भी ब्राह्मण के लिए अतिश्रेष्ठ तप समझना चाहिए।
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