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मनुस्मृति • अध्याय 6 • श्लोक 68
संरक्षणार्थ जन्तूनां रात्रावहनि वा सदा । शरीरस्यात्यये चैव समीक्ष्य वसुधां चरेत्‌ ।।
शरीर के पीड़ित होने पर भी रात में या दिन में सब जीवों की रक्षा के लिए सर्वदा भूमि को देखकर चले।
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