द्विज बिना वेद का अध्ययन किये, तथा पुत्रों को बिना उत्पन्न किये और (अग्निष्टोम आदि) यज्ञों का बिना अनुष्ठान किये मोक्ष को (संन्यासाश्रम के ग्रहण द्वारा) चाहता हुआ भी नरक को जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।