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मनुस्मृति • अध्याय 6 • श्लोक 15
त्यजेदाश्वयुजे मासि मुन्यन्नं पूर्वसंचितम्‌ । जीर्णानि चैव वासांसि शाकमूलफलानि च ।।
पूर्वसञ्चित मुन्यन्न (नीवार आदि) पुराने वस्र (वल्कल, चीर आदि) और शाक, कन्द एवं फल का आश्विन मास में त्याग कर दे।
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