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मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 99
एतद्वोऽभिहितं शौचं सपिण्डेषु द्विजोत्तमाः । असपिण्डेषु सर्वे प्रेतशुद्धिं निबोधत ।।
(भृगु मुनि महर्षियों से कहते हैं कि) हे ब्राह्मणो! सपिण्डों के मरने पर यह शुद्धि (मैंने) आप लोगों से कही, अब, आप लोग सब सपिण्डों के मरने पर शुद्धि को सुनो।
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