मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 72
अक्षारलवणान्नाः स्युर्निमज्जेयुश्च ते त्र्यहम्‌ । मांसाशनं च नाश्नीयुः शयीरंश्च पृथक्‌ क्षितौ ।।
(अशौच वालों को) कृत्रिम लवण से रहित अन्न (पायस = खीर आदि) खाना चाहिए, तीन दिन नदी आदि में स्नान करना चाहिये, मांस-भोजन का त्याग करना चाहिये और अलग-अलग भूमि पर (पलंग या खाट पर नहीं) सोना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें