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मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 54
फलमूलाशनैर्मेध्यैर्मुन्यन्नानां च भोजनैः । न तत्फलमवाप्नोति यन्मांसपरिवर्जनात्‌ ।।
पवित्र फल तथा कन्दो तथा मुन्यन्न (तिन्नी आदि) के खाने से (मनुष्य) वह फल नहीं पाता है, जो मांस के त्याग से पाता है।
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