प्राणस्यान्नमिदं सर्व प्रजापतिरकल्पयत् ।
स्थावरं जङ्गमं चैव सर्व प्राणस्य भोजनम् ।।
प्रजापति (ब्रह्मा) ने जीव का सब कुछ खाद्य कहा है, सब स्थावर (धान्य, फल, लतादिजन्य पदार्थ) तथा जङ्गम (पशु, पक्षी, जलचर आदि) जीव जीवों के खाद्य, भक्ष्य हैं।
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