इन छ: (५।१९) को खानेवाला (द्विज) कृच्छ सान्तपन (११।२१२) या यतिचान्द्रायण (११।२ १८) व्रत करे और अन्य अभक्ष्य पदार्थो (५।५-१७) को खाकर एक दिन उपवास करे।
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