मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 20
अमत्यैतानि षड्‌ जग्ध्वा कृच्छं सान्तपनं चरेत्‌ । यतिचान्द्रायणं वाऽपि शेषेषूपवसेदहः ।।
इन छ: (५।१९) को खानेवाला (द्विज) कृच्छ सान्तपन (११।२१२) या यतिचान्द्रायण (११।२ १८) व्रत करे और अन्य अभक्ष्य पदार्थो (५।५-१७) को खाकर एक दिन उपवास करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें