मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 18
श्वाविधं शल्यकं गोधां खड्गकूर्मशशांस्तथा । भक्ष्यान्‌ .पञ्जनखेष्वाहुरनुष्ट्रांश्चैकतोदतः ।।
सेह या शाही, शल्यक, गोह, गेंडा, कछुआ और खरगोश इन छवों को तथा एक तरफ दाँत वाले पशु में ऊंट को छोड़कर शेष पशु का (मनु आदि) पञ्चनखों में भक्ष्य कहते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें