मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 16
पाठीनरोहितावाद्यौ नियुक्तौ हव्यकव्ययोः । राजीवाः सिंहतुण्डाश्च सशल्काश्चैव सर्वशः ।।
हव्य और कव्य (देवकार्य और पितृकार्य) में विहित पाठीन (पोठा याः पोठिया), रोहित (रोहू), राजीव (बरारी), सिंहतुण्ड और चोइँटा से युक्त सब प्रकार की मछलियाँ भक्ष्य हैं (किन्तु हव्य-कव्य कर्म के बिना ये भी अभक्ष्य ही हैं)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें