हव्य और कव्य (देवकार्य और पितृकार्य) में विहित पाठीन (पोठा याः पोठिया), रोहित (रोहू), राजीव (बरारी), सिंहतुण्ड और चोइँटा से युक्त सब प्रकार की मछलियाँ भक्ष्य हैं (किन्तु हव्य-कव्य कर्म के बिना ये भी अभक्ष्य ही हैं)।
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