मृते भर्तरि साध्वी स्त्री ब्रह्मचर्ये व्यवस्थिता ।
स्वर्ग गच्छत्यपुत्राऽपि यथा ते ब्रह्मचारिणः ।।
पति के मरने पर ब्रह्मचारिणी रहती हुई पतिव्रता स्त्री (परपुरुष-संसर्ग से) पुत्र को बिना पैदा किये ही उन (सनकादि) ब्रह्मचारियों के समान स्वर्ग को जाती है।
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