देवताओं ने तीन प्रकार की वस्तुओं को ब्राह्मणों के लिए पवित्र कहा है-प्रथम जिसकी अशुद्धि स्वयं आँखों से नहीं देखी गयी हो! द्वितीय - अशुद्धि का सन्देह होने पर जिस पर जल छिड़क दिया गया हो तथा तृतीय - जो वचन से प्रशस्त कहा गया हो अर्थात् जिसको “यह पवित्र है” ऐसा ब्राह्मण कह दे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।